निवेदन
गुरुदेव तुम्हारे चरणों में ,
अभिनन्दन है अभिनन्दन है|
राग -द्वेष के भाव मिटाए
प्रेमभाव -सद्भाव बडाये |
अन्तर्मन की गहराई से
करते तुमको वंदन है |
गुरुदेव तुम्हारे चरणों में ,
अभिनन्दन है अभिनन्दन है|
मुश्किलों में राह दिखाए
संघर्षपथ को सरल बनाये
दुर्व्यसनो की लत छुढ़वाए
भक्तो के दुःख-कष्ट मिटाए
चरण -धुल गुरुदेव आपकी,
मेरे लिए तो चन्दन है |
गुरुदेव तुम्हारे चरणों में ,
अभिनन्दन है अभिनन्दन है|
मन की बात किसे बताये
नैया कैसे पार लगाये |
मंजिल तक कैसे पहुंचे हम
गुरवरहमको राह बताये
अब तो मन में आपके लिए
भक्तिभाव का बंधन है |
गुरुदेव तुम्हारे चरनो मे
अभिनन्दन है अभिनन्दन है|
शंकर गोयल, पिथोरा
shankar.pithora@gmail.com
MOBILE 8871645600
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