गजल
बहुत कुछ सोचकर बोलता हूँ मैं ,
बोलने से पहलेशब्द तोलता हूँ मैं |
जहर बन गई है जिंदगी जिनकी,
उनके जीवन में मिठास घोलता हूँ मैं|
कडवी है यादे ,उदास है मन जिनका ,
खुशियों का पिटारा खोलता हूँ मैं |
जीवन में विफल न हो कोई कभी ,
जीवन में विफल न हो कोई कभी ,
सफलता के दरवाजे खोलता हूँ मैं|
राजनीति मायानगरी है दोस्तों ,
सपने ही सपने है बोलता हूँ मैं |
जग में खुशनसीब हर कोई नहीं ' शंकर '
मेहनत करो ज्ञान चक्षु खोलता हूँ मैं |
शंकर गोयल,पिथोरा
Shankar.pithora@gmail.com
MOBILE 8871645600
Shankar.pithora@gmail.com
MOBILE 8871645600
गजल
बहुत कुछ सोचकर बोलता हूँ मैं ,
बोलने से पहलेशब्द तोलता हूँ मैं |
जहर बन गई है जिंदगी जिनकी,
उनके जीवन में मिठास घोलता हूँ मैं|
कडवी है यादे ,उदास है मन जिनका ,
खुशियों का पिटारा खोलता हूँ मैं |
जीवन में विफल न हो कोई कभी ,
जीवन में विफल न हो कोई कभी ,
सफलता के दरवाजे खोलता हूँ मैं|
राजनीति मायानगरी है दोस्तों ,
सपने ही सपने है बोलता हूँ मैं |
जग में खुशनसीब हर कोई नहीं ' शंकर '
मेहनत करो ज्ञान चक्षु खोलता हूँ मैं |
शंकर गोयल,पिथोरा
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