ग़ज़ल

मंगलवार, 18 दिसंबर 2012

इतना अधिक तुम बोलते हो ,
अपनी कमियों को खोलते हो 
देश में हो रहे रोज हमलों को,
पाक-अफगान से तौलते हो,
तौलने का है शौक इतना ,
26/11 को 9/11से क्यों नहीं तौलते हो,
हमारे नेता कमजोर नहीं है लेकिन ,
न जाने किसका डर है इन्हें ,
अपनी जुबान से कुछ बोलते नहीं हो
                                    शंकर गोयल 
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