कविता
तुलना
रावण प्रतीक है,
बुराइयों का |
प्रतीक बुराई का
मान लिया जाता है |
बुराई पर सच्चाई की जीत
जला दिया जाता है
विजयादशमी को मान लिया जाता है |
बुराई पर सच्चाई की जीत
रावण प्रतीक ,
क्यों नहीं बनता ?
भ्रष्टाचार ,भ्रष्ट आचार ,
विचार व् कमजोरियों का,
क्यों नहीं बनता ?
भ्रष्टाचार ,भ्रष्ट आचार ,
विचार व् कमजोरियों का,
रावणजानकर ,मानकर ,
क्यों नहीं जलाया जाता,
भ्रष्टाचारियो के पुतले को,
आएगा ,होगा, एक दिन,
होगा ऐसा जरुर ,
और समाज की ,
बुराइयाँ जाएँगी दूर |
शंकर गोयल,पिथोरा
MOBILE-9424235208
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